🛕 धर्म बड़ा या ज्ञान 🛕 धर्म और ज्ञान दोनों ही जीवन के लिए अनिवार्य हैं, लेकिन धर्म (नैतिकता/कर्तव्य) को ज्ञान से बड़ा माना जाता है। क्योंकि ज्ञान का सही दिशा में प्रयोग धर्म से ही आता है। ज्ञान आपको ' कैसे करें ' बताता है, लेकिन धर्म 'क्या करना चाहिए ' (सही/गलत) का मार्गदर्शन करता है, जिसके बिना ज्ञान भी विनाशकारी हो सकता है। 🛕 धर्म और ज्ञान का संतुलन 👉 धर्म की प्रधानता :- ज्ञान के बिना धर्म अंधविश्वास हो सकता है, लेकिन धर्म के बिना ज्ञान (जो सही-गलत न समझाए) कर्म को अधर्म बना सकता है। 👉 ज्ञान का महत्व :- ज्ञान, विशेषकर आत्मज्ञान, इंसान को गलत कार्यों से बचाता है (जैसे नशा, भ्रष्टाचार) और मनुष्य को पशु (अज्ञान) से देवता (ज्ञानवान) की ओर ले जाता है। 👉 दोनों का तालमेल : धर्म, कर्म का मार्गदर्शन करता है और ज्ञान उस मार्ग को स्पष्ट करता है, इसलिए दोनों को एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखना ही उत्तम है। 🛕अर्थात: -धर्म-युक्त ज्ञान ही सर्वोच्च है ।🛕 जय श्री राधे-जय श्री कृष्णा ...