स्मृतिचंद्रिका ने कहा है कि शिव पूजा रुद्रगायत्री, त्र्यम्बक मंत्र या ॐ नम: शिवाय मंत्र से की जाती है।
शारदातिलक में एक पंचाक्षर मन्त्र है- नमः शिवाय, जो लिंगपुराण से इसमें उद्धृत हुआ है।
यह मंत्र तब छह अक्षरों का हो जाता है, जब इसमें ॐ पहले लगाया जाता है।
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