शिवाय गौरीवदनाब्जबृंदा
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय
तस्मै शिकाराय नमः शिवाय।।
वे जो शुभ है और जो नए उगते सूरज की तरह है, जिनसे गौरी का चेहरा खिल उठता है, वे जो दक्ष के यज्ञ के संहारक हैं ।
वे जिनका कंठ नीला है, और जिनके प्रतीक के रूप में बैल है ।
उस शिव को नमस्कार, जिन्हें शब्दांश "शि" द्वारा दर्शाया गया है ।
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16/08/2024 के दर्शन श्रावण सुदी बारस.
(एकादशी व्रत आज है।)
श्री अंबाजी गब्बर गोख अखंड ज्योत, एवं श्री ५१ शक्ति पीठ दिव्य दर्शन और स्वर्ग नगरी अंबाजी मंदिर के मंगला आरती के मंगल दर्शन,जय अंबे जय माता दी।⛳🚩
गब्बर पर्वत, अंबाजी, गुजरात ।
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सुप्रभातम
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