ऋग्वेद के कुछ प्रमुख सूक्तों के बारे में
About some important verses of Rigveda
ऋग्वेद में अनेक ऐसे सूक्त हैं जो अपने विषय और महत्व के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। आइए कुछ प्रमुख सूक्तों के बारे में जानते है :-
1.
पुरुष सूक्त (ऋग्वेद 10.90)
- विषय: इस सूक्त में ब्रह्मांड की उत्पत्ति और पुरुष (ब्रह्म) के विभिन्न अंगों से ब्रह्मांड के विभिन्न तत्वों के निर्माण का वर्णन किया गया है।
- महत्व: यह सूक्त भारतीय दर्शन के लिए आधारभूत माना जाता है और इसमें ब्रह्मांड की सृष्टि के बारे में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
2.
गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3.62.10)
- विषय: यह मंत्र सूर्य देवता को समर्पित है और इसमें ज्ञान और प्रकाश की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की गई है।
- महत्व: यह मंत्र हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण मंत्रों में से एक माना जाता है और इसे प्रतिदिन जपा जाता है।
3.
वरुण सूक्त
- विषय: इस सूक्त में वरुण देवता की महिमा का वर्णन किया गया है, जो सत्य, न्याय और व्यवस्था के देवता हैं।
- महत्व: यह सूक्त वैदिक धर्म में नैतिक मूल्यों के महत्व को दर्शाता है।
4.
इंद्र सूक्त
- विषय: इस सूक्त में इंद्र देवता की शक्ति और वीरता का वर्णन किया गया है, जो वर्षा और वज्र के देवता हैं।
- महत्व: इंद्र सूक्त प्राचीन भारतीय समाज में शक्ति और वीरता के आदर्शों को दर्शाता है।
5.
अग्नि सूक्त
- विषय: इस सूक्त में अग्नि देवता की महिमा का वर्णन किया गया है, जो यज्ञों में हवन सामग्री को देवताओं तक पहुंचाने का काम करते हैं।
- महत्व: अग्नि सूक्त यज्ञ के महत्व और देवताओं के साथ संवाद स्थापित करने के तरीके को दर्शाता है।
6.
उषा सूक्त
- विषय: इस सूक्त में उषा देवी (प्रातः काल) की सुंदरता और नवीनता का वर्णन किया गया है।
- महत्व: यह सूक्त प्रकृति के सौंदर्य और जीवन की नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
7.
श्री सूक्त
- विषय: इस सूक्त में लक्ष्मी देवी की महिमा का वर्णन किया गया है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं।
- महत्व: यह सूक्त धन और समृद्धि प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करने का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें