51 शक्ति पीठ
यह 51 शक्ति पीठ हिंदू धर्म में देवी शक्ति (दिव्य स्त्री शक्ति) को समर्पित पवित्र स्थान हैं।
ऐसा माना जाता है कि ये स्थान वह हैं जहाँ देवी सती के शरीर के अंग या आभूषण भगवान शिव के तांडव के दौरान गिरे थे।
प्रत्येक शक्ति पीठ देवी के शरीर के एक विशिष्ट भाग और देवी ऊर्जा के एक विशिष्ट पहलू से जुड़ा हुआ है।
भारत और कुछ अन्य देशों में स्थित 51 शक्ति पीठों की सूची निम्नलिखित है:-
1. कामाख्या देवी – असम (योनि)
2. शंकरी देवी – श्रीलंका (कंधे)
3. सुगंधा देवी – बांग्लादेश (नाक)
4. मिथिला देवी – बिहार (बायाँ कंधा)
5. कल्याणी देवी – महाराष्ट्र (चेहरा)
6. महिषमर्दिनी देवी – झारखंड (दायाँ कंधा)
7. विशालाक्षी देवी – वाराणसी, उत्तर प्रदेश (कर्णफूल)
8. ज्वालामुखी देवी – हिमाचल प्रदेश (जीभ)
9. दक्षायणी देवी – तमिलनाडु (गाल)
10. नैनातिवु देवी – श्रीलंका (पाँव)
11. कांचीपुरम देवी – तमिलनाडु (कंकाल)
12. कीरित देवी – पश्चिम बंगाल (मुकुट)
13. विंध्यवासिनी देवी – उत्तर प्रदेश (कलाई)
14. मंगल चंडी देवी – बांग्लादेश (दायाँ हाथ)
15. अट्टहास देवी – पश्चिम बंगाल (होठ)
16. जयन्ती देवी – पश्चिम बंगाल (बायाँ जांघ)
17. तारातारिणी देवी – ओडिशा (स्तन)
18. विमला देवी – पुरी, ओडिशा (पाँव)
19. कीरित देवी – पश्चिम बंगाल (मुकुट)
20. बिरजा देवी – जाजपुर, ओडिशा (नाभि)
21. कंकालितला देवी – पश्चिम बंगाल (हड्डियाँ)
22. महामाया देवी – मध्य प्रदेश (बायीं आँख)
23. त्रिपुरा सुंदरी देवी – त्रिपुरा (दायाँ पाँव)
24. शिवानी देवी – मध्य प्रदेश (नाक)
25. बहुला देवी – पश्चिम बंगाल (बायाँ हाथ)
26. काश्मीरा देवी – कश्मीर (गला)
27. हिंगलाज देवी – बलूचिस्तान, पाकिस्तान (ब्राह्मरंध्र)
28. कालिका देवी – गुजरात (ह्रदय)
29. कामाक्षी देवी – तमिलनाडु (गर्दन)
30. श्रीशैल देवी – आंध्र प्रदेश (गर्दन)
31. चिंतपूर्णी देवी – हिमाचल प्रदेश (पाँव)
32. मनसा देवी – असम (हाथ)
33. शोंदेश देवी – बांग्लादेश (दायाँ नितंब)
34. भ्रामरी देवी – महाराष्ट्र (बायाँ पाँव)
35. श्री गिरिजा देवी – महाराष्ट्र (नाभि)
36. वैष्णो देवी – जम्मू और कश्मीर (खोपड़ी)
37. चामुंडेश्वरी देवी – कर्नाटक (पीठ)
38. शारदा देवी – कश्मीर (गर्दन)
39. बक्रेश्वर देवी – पश्चिम बंगाल (माथा)
40. उज्जैनी देवी – मध्य प्रदेश (कुहनी)
41. जलपा देवी – गुजरात (पेट)
42. नैना देवी – हिमाचल प्रदेश (आँखें)
43. सर्वमंगला देवी – गुजरात (स्तन)
44. कालीघाट देवी – पश्चिम बंगाल (दाएँ पैर की उँगलियाँ)
45. आनंदमयी देवी – पश्चिम बंगाल (गर्दन)
46. नंदिकेश्वरी देवी – पश्चिम बंगाल (दाँत)
47. सप्तश्रृंगी देवी – महाराष्ट्र (दायाँ हाथ)
48. महालक्ष्मी देवी – महाराष्ट्र (कान)
49. हर्षिद्दी देवी – मध्य प्रदेश (कुहनी)
50. भद्रकाली देवी – उत्तराखंड (बायाँ नितंब)
51. श्री सुंदरी देवी – गुजरात (जांघ)
ये शक्ति पीठ बहुत ही पवित्र माने जाते हैं और भारत तथा कुछ पड़ोसी देशों में फैले हुए हैं।
प्रत्येक शक्ति पीठ देवी सती के शरीर के एक विशिष्ट अंग या आभूषण से जुड़ा हुआ है, और इन्हें तीर्थयात्रा के महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
श्रद्धालु मानते हैं कि इन पवित्र स्थलों की यात्रा करने से उन्हें देवी का आशीर्वाद और सुरक्षा प्राप्त होती है।
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