नवरात्रि के दौरान विभिन्न देवी मां के रूपों की पूजा की जाती है और उनके लिए कई प्रकार के मंत्रों का जाप किया जाता है। इन मंत्रों का जाप करने से मन शांत होता है और देवी माँ की कृपा प्राप्त होती है।
कुछ प्रमुख मंत्र जो नवरात्रि के दौरान पढ़े जाते हैं, वे हैं
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे - यह मंत्र माँ दुर्गा का बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है। इसे जाप करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
ॐ देवी सर्वभूतेषु माँ रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - यह मंत्र सभी जीवों में व्याप्त देवी माँ को समर्पित है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे - यह मंत्र माँ चामुंडा का मंत्र है। इसे जाप करने से शत्रुओं का नाश होता है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे - यह मंत्र माँ कात्यायनी का मंत्र है। इसे जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे - यह मंत्र माँ महागौरी का मंत्र है। इसे जाप करने से शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के नौ दिनों में अलग-अलग देवी के लिए अलग-अलग मंत्र भी पढ़े जाते हैं।
शैलपुत्री: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
ब्रह्मचारिणी: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
चंद्रघंटा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
कुष्मांडा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
स्कंदमाता: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
कात्यायनी: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
कालरात्रि: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
महागौरी: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
सिद्धिदात्री: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
मंत्रों का जाप कैसे करें
मंत्रों का जाप करते समय एकांत जगह चुनें।
मंत्रों का जाप करते समय मन को एकाग्र रखें।
मंत्रों का जाप करते समय किसी भी प्रकार की नकारात्मक भावना न रखें।
मंत्रों का जाप करते समय माला का उपयोग किया जा सकता है।
मंत्रों के लाभ
मंत्रों का जाप करने से मन शांत होता है।
मंत्रों का जाप करने से देवी माँ की कृपा प्राप्त होती है।
मंत्रों का जाप करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
मंत्रों का जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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