12 नव॰ 2024

निघंटु


यह रहा निघंटु से जुड़ा एक प्राचीन संस्कृत पांडुलिपि का चित्र, जो निघंटु के ऐतिहासिक और आयुर्वेदिक संदर्भों को दर्शाता है।

Way of Life Karma : Nighaṇṭu

"निघंटु" एक प्राचीन संस्कृत शब्दकोश या ग्रंथ है, जिसमें शब्दों के अर्थ, उनकी उत्पत्ति, विशेषताएँ और विभिन्न संदर्भों में उनके प्रयोग का वर्णन होता है। निघंटु में विशेष रूप से वैदिक शब्दों, वनस्पतियों, औषधियों और अन्य प्राकृतिक तत्वों के नामों का विवरण दिया गया है। इसे आयुर्वेद, भाषा विज्ञान और वैदिक अध्ययन में एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

 

निघंटु का परिचय

"निघंटु" का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध ग्रंथ है "ऋग्वेद निघंटु"। इसे आयुर्वेदाचार्य पाणिनि से पहले संकलित किया गया माना जाता है। निघंटु का मुख्य उद्देश्य वैदिक शब्दों और उनके उपयोग का संकलन करना था ताकि विद्वान और छात्र वैदिक साहित्य का सही अर्थ और संदर्भ में अध्ययन कर सकें।

 

यास्क और निरुक्त

निघंटु की व्याख्या और इसका विश्लेषण करने का कार्य महर्षि यास्क ने अपने ग्रंथ "निरुक्त" में किया था। यास्क ने निघंटु को समझाने के लिए निरुक्त लिखा, जिसमें उन्होंने शब्दों के अर्थ, उनके भाषाई संदर्भ, और व्युत्पत्ति पर विस्तार से चर्चा की। यास्क के अनुसार, निघंटु में संकलित शब्दों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है:

  1. नैमित्तिक: जो शब्द प्राकृतिक घटनाओं या कारणों से जुड़े हैं।
  2. अर्थवाचक: जिन शब्दों का स्पष्ट और सीधे अर्थ होता है।
  3. व्युत्पन्न: जिन शब्दों का अर्थ उनके आधार या व्युत्पत्ति से समझा जा सकता है।

 

निघंटु का महत्व

  • आयुर्वेद और वनस्पति विज्ञान में योगदान: निघंटु में कई औषधियों, वनस्पतियों और खनिजों के नाम और उनके गुणों का उल्लेख मिलता है। यह आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों की पहचान के लिए सहायक होता है।
  • भाषा विज्ञान में आधार: निघंटु में प्राचीन वैदिक शब्दों का अर्थ और व्युत्पत्ति बताई गई है, जो संस्कृत भाषा और वैदिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • धर्म और दर्शन में उपयोग: निघंटु में शब्दों के अर्थ का विवेचन धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से किया गया है, जो वेदों के गूढ़ अर्थ को समझने में सहायक होता है।

 

निष्कर्ष

निघंटु केवल एक शब्दकोश नहीं है, बल्कि यह प्राचीन भारतीय ज्ञान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह वेदों के अध्ययन के लिए एक आधारभूत ग्रंथ है, जो विद्वानों को वैदिक शब्दों के सही अर्थ और उनके उपयोग को समझने में मदद करता है।

 

 

 

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