9 नव॰ 2024

सुप्रभातम

 

 

 




स्वस्तिप्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।

गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥

 

अर्थ :-

सभी लोगों की भलाई शक्तिशाली नेताओं द्वारा कानून और न्याय के साथ हो।

सभी दिव्यांगों और विद्वानों के साथ सफलता बनी रहे और सारा संसार सुखी रहे।

 

 

कोई टिप्पणी नहीं: