श्री सोमनाथ महादेव मंदिर,
प्रथम ज्योतिर्लिंग - गुजरात (सौराष्ट्र)
दिनांकः 14 अगस्त 2024, श्रावण शुक्ल नवमी - बुधवार
प्रातः श्रृंगार
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मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मै म काराय नमः शिवायः॥🛕
अर्थ:-
गंगाजल और चन्दन से जिनकी अर्चना हुई है, मन्दार के फूल और अन्य पुष्पों से जिनकी सुंदर पूजा हुई है, उन नन्दी के अधिपति और प्रमथगणों के स्वामी महेश्वर शिव को नमस्कार है।
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सुप्रभातम
☀ HARE KRISHNA☀
“O son of Vasudeva, obeisances to You, within whom all living beings reside. O Lord of the mind and senses, again I offer You my obeisances. O master, please protect me, who am surrendered unto You."
- Srimad Bhagavatam 10.40.30
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