21 अक्टू॰ 2024

विनायक की मूर्तियाँ

 


विनायक की मूर्तियाँ तमिलनाडु में

तमिलनाडु, दक्षिण भारत का एक राज्य, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कई प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इसके परिणामस्वरूप, यह सदियों पुराने विनायक (गणेश) की मूर्तियों का एक विशाल संग्रह है। ये मूर्तियाँ, अक्सर पत्थर या धातु से जटिल रूप से उकेरी जाती हैं, विभिन्न मुद्राओं और शैलियों में हाथी-सिर वाले देवता को चित्रित करती हैं।

 

तमिलनाडु में पाए जाने वाले कुछ सबसे उल्लेखनीय विनायक मूर्तियों में शामिल हैं:

  • 5वीं शताब्दी की विनायकी मूर्ति: चेन्नई के पास खोजी गई, यह दुर्लभ मूर्ति गणेश के स्त्री रूप का सबसे पुराना प्रतिनिधित्व माना जाता है।

  • 32 फुट ऊंची गणेश प्रतिमा: गणेश चतुर्थी समारोह के लिए डिंडीगुल में स्थापित, यह विशाल प्रतिमा स्थानीय लोगों के भक्ति का प्रमाण है।

  • अरुल्मिगु मुन्थी विनायगर मंदिर में विनायगर प्रतिमा: कोयंबटूर में स्थित यह विशाल ग्रेनाइट प्रतिमा, एशिया में सबसे बड़ी विनायगर प्रतिमा मानी जाती है।

  • अधि विनायगर मंदिर में मानव-चेहरा वाला गणेश: कुथनुर में पाया गया यह अद्वितीय मूर्ति, गणेश को मानव चेहरे के साथ चित्रित करता है, जो देवता के पारंपरिक रूप का एक दुर्लभ रूप है।

     

ये तमिलनाडु में पाए जाने वाले कई विनायक मूर्तियों के कुछ उदाहरण हैं। प्रत्येक मूर्ति एक कहानी बताती है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और कलात्मक परंपराओं को दर्शाती है।

 

 

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