4 अक्टू॰ 2024

मां सिद्धिदात्री

 

नवरात्रि का नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा

 

नवरात्रि के नौवें दिन देवी दुर्गा के नौवें रूप, मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री को सिद्धियों की देवी माना जाता है। आइए जानते हैं मां सिद्धिदात्री के बारे में विस्तार से:-

 

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप

  • सिद्धिदात्री शब्द का अर्थ है सिद्धियों को देने वाली।

  • वे कमंडल, धनुष, बाण और गदा धारण करती हैं।

  • इनका वाहन सिंह है।

  • इनका रंग पीला होता है।

  • वे शक्तिशाली और साहसी हैं।

     

मां सिद्धिदात्री का महत्व

  • मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

  • वे शक्ति और साहस की देवी हैं।

  • उनकी पूजा करने से जीवन में सफलता मिलती है।

     

पूजा विधि

  • कलश स्थापना: सबसे पहले कलश स्थापित किया जाता है।

  • अष्टगंध: मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से स्नान कराकर अष्टगंध चढ़ाया जाता है।

  • पुष्प: पीले या लाल फूल चढ़ाए जाते हैं।

  • दीपक: पांच देसी घी के दीपक जलाए जाते हैं।

  • धूप: अगरबत्ती या धूप जलाया जाता है।

  • नैवेद्य: फल और मिठाई का नैवेद्य चढ़ाया जाता है।

  • मंत्र जाप: मां सिद्धिदात्री का मंत्र जाप किया जाता है।

     

मां सिद्धिदात्री का मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे 

 

मां सिद्धिदात्री की आरती

मां सिद्धिदात्री की आरती गाकर उनकी स्तुति की जाती है।

 

नवरात्रि के नौवें दिन क्या करें?

  • इस दिन व्रत रखा जाता है।

  • मां सिद्धिदात्री की कथा सुननी चाहिए।

  • मां सिद्धिदात्री की आरती गाएं।

  • मां सिद्धिदात्री के मंत्रों का जाप करें।

     

मां सिद्धिदात्री की कथा

मां सिद्धिदात्री ने एक बार देवताओं को सिद्धियां प्रदान की थी। देवता अपनी शक्ति बढ़ाना चाहते थे। मां सिद्धिदात्री ने अपने शक्ति से देवताओं को सिद्धियां प्रदान की थी।

मां सिद्धिदात्री की कृपा से आप सिद्धियां प्राप्त कर पाएंगे और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकेंगे।

 

 

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